जो केंद्र सरकार उम्र के मामले में जनरल वीके सिंह के स्कुल की सर्टिफिकेट को उम्र का सुबूत मानने से इंकार कर दिया था ...
वही केंद्र सरकार दिल्ली गैंगरेप केस में दामिनी पर सबसे ज्यादा अत्याचार
करने वाले मोहम्मद अफरोज जिसने दो बार दामिनी का बलात्कार किया था और सरिया
डालकर उसकी आंते बहार निकाल ली जी जिससे दामिनी की मौत हुई उसके स्कुल के
बर्थ सर्टिफिकेट को नाबालिक होने का सुबूत मान लिया |
सवाल वोट
बैंक का है ..बलात्कारी और हत्यारा मोहम्मद अफरोज को तीन साल बाल सुधार गृह
में बिताने होंगे फिर उसके बाद वो किसी दूसरी दामिनी का बलात्कार करेगा |
हिन्दू इस देश में वोट बैंक थोड़े ही है की दामिनी को न्याय दिलाने के लिए कानून में संसोधन कर लिया जाए |
मित्रो, याद कीजिये शाहबानो केस .... आज तक संसद पूरी रात सिर्फ उसी समय
चली थी क्योकि मामला मुस्लिम वोट बैंक से जुड़ा था .. रातोरात राजीव गाँधी
ने सुप्रीमकोर्ट के आदेश को संसद में कानून बनाकर निरस्त कर दिया और
मुसलमानों के लिए अलग से मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की मंजूरी दे दी |